कितनी जमानत माँगी जा सकती है?
भारत में कोई एक तय राष्ट्रीय सीमा नहीं है; आमतौर पर कुछ महीनों का किराया लिया जाता है (कई राज्यों के मॉडल किरायेदारी कानून अधिकतम सीमा तय करते हैं)। ऐसी शर्तें आप अतिरिक्त शर्तों के खाने में दर्ज कर सकते हैं।
क्या किराया अनुबंध के लिए डिजिटल हस्ताक्षर काफ़ी हैं?
ईमानदारी से: 11 महीने या उससे कम का किराया अनुबंध आमतौर पर बिना पंजीकरण चलता है और इसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षरित किया जा सकता है (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, धारा 5)। लेकिन 12 महीने या उससे अधिक की लीज़ को पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत कराना अनिवार्य है – ऐसा अनुबंध उपयुक्त स्टांप पेपर पर बनाकर हाथ से हस्ताक्षर करना और सब-रजिस्ट्रार के पास पंजीकृत कराना चाहिए।
क्या किराया अनुबंध पर स्टांप ड्यूटी लगती है?
अनुबंध स्टांप के बिना भी वैध है – स्टांप ड्यूटी अनुबंध की वैधता की शर्त नहीं, बल्कि दस्तावेज़ पर लगने वाला शुल्क है जो अदालत में उसकी साक्ष्य-योग्यता तय करता है। स्टांप ड्यूटी राज्य-स्तरीय (राज्य) होती है और हर राज्य में दर अलग होती है। यदि दस्तावेज़ को साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना हो, तो उसे उपयुक्त मूल्य के स्टांप पेपर पर बनाएँ या ई-स्टांप (₹) लगाएँ; कम मूल्य के स्टांप पर बने दस्तावेज़ की कमी बाद में भी पूरी की जा सकती है।
इस किराया अनुबंध की कीमत कितनी है?
कोई शुल्क नहीं – बुनियादी सुविधाएँ हमेशा के लिए मुफ़्त हैं: टेम्पलेट, फ़ॉर्म भरना, डिजिटल हस्ताक्षर और PDF डाउनलोड – बिना रजिस्ट्रेशन, बिना सब्सक्रिप्शन, बिना वॉटरमार्क। Tamgara वैकल्पिक अतिरिक्त सुविधाओं से चलता है: दस्तावेज़ की AI-पहचान (✨) के लिए आगे चलकर प्रति स्कैन थोड़ा शुल्क या एक किफ़ायती सब्सक्रिप्शन लिया जाएगा।