अभिकर्ता को क्या साथ ले जाना चाहिए?
आमतौर पर: यह मुख्तारनामा (अक्सर स्टांप पेपर पर), अपना पहचान प्रमाण, अधिकारदाता का पहचान/पता प्रमाण (या प्रति), RC और बीमा, तथा नाम बदलवाने के लिए फ़ॉर्म 29/30 और PUC। आवश्यकताएँ RTO के अनुसार भिन्न होती हैं – जाने से पहले ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची ऑनलाइन जाँच लें।
क्या डिजिटल हस्ताक्षरित मुख्तारनामा स्वीकार होता है?
ईमानदारी से: सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की पहली अनुसूची (First Schedule) कुछ दस्तावेज़ों को इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के दायरे से बाहर रखती है – इनमें पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा), वसीयत, अचल संपत्ति के हस्तांतरण और परक्राम्य लिखत शामिल हैं। इसलिए इस दस्तावेज़ को Tamgara में डिजिटल रूप से भरें, फिर उसे प्रिंट कर के हाथ से हस्ताक्षर करें – और ज़रूरत हो तो उपयुक्त मूल्य के स्टांप पेपर पर बनवाकर नोटरी से सत्यापित (नोटराइज़) कराएँ।
यह मुख्तारनामा किन कामों के लिए है?
आप बस वही टिक करें जिसकी अनुमति दे रहे हैं: रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण, डी-रजिस्ट्रेशन, नाम बदलवाना (फ़ॉर्म 29/30), फ़ैंसी नंबर, तथा नंबर प्लेट और दस्तावेज़ लेना। जो टिक नहीं होगा, वह शामिल नहीं होगा।
क्या अधिकार सिर्फ़ एक काम तक सीमित हो सकता है?
हाँ। केवल इच्छित काम टिक करें और वाहन का सटीक उल्लेख करें – तब मुख्तारनामा उसी के लिए मान्य रहेगा। काम पूरा होने के बाद मूल दस्तावेज़ वापस माँग लेना बेहतर है।